Friday, October 21, 2011

अन्ना

कश्मीर के लिए पाक से फिर लड़ने को तैयार

रालेगण सिद्धि : टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य प्रशांत भूषण की कश्मीर संबंधी विवादास्पद टिप्पणी पर विभिन्न दलों की ओर से स्पष्टीकरण की मांग पर गांधीवादी अन्ना हज़ारे ने कहा कि वह न सिर्फ कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते हैं, बल्कि अगर इसके लिए पाकिस्तान से युद्ध हुआ तो वह उसमें फिर से हिस्सा लेने को तैयार हैं। हज़ारे ने अपने ताजा ब्लॉग में लिखा, कुछ लोग कश्मीर से जुडे़ मुद्दों के बारे में अस्पष्ट बातें कर रहे है, लेकिन वे इस तथ्य से अनजान हैं कि जब मैं सेना में था तो मैंने एक सैनिक के रूप में भारत-पाकिस्तान युद्ध में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, मेरा दृढ़ मत है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। अगर एक बार फिर से मुझे पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ना हो तो मैं इसके लिये तैयार हूं। लेकिन , कुछ लोग केवल बोलते हैं और ज़मीनी स्तर पर (कश्मीर के लिये) कुछ नहीं करते हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है। गांधीवादी नेता और पूर्व सैनिक ने कहा, जब मैं सेना में था तो एक सैनिक के तौर पर मैंने भारत-पाकिस्तान युद्ध में सक्रिय हिस्सा लिया था। पाकिस्तान के साथ युद्ध में सीमा पर मेरे सारे साथी मारे गये , लेकिन मैं आश्चयर्जनक रूप से बच गया। उसके बाद से ही मैंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित करने की शपथ ली थी। जन लोकपाल विधेयक के लिये दिल्ली के रामलीला मैदान पर अनशन करने वाले हज़ारे ने कहा, आज भी आप मेरे माथे पर पाकिस्तानी सेना की गोली से बने निशान को देख सकते हैं।

समाचार

यह ठीक है कि पहले की अपेक्षा शासन -व्यवस्था में सुधार हुआ है और राज्य सरकार कई बड़े अपराधियों को जेल भेजने में सफल रही है, पर सीवान में बुधवार को हुई घटना इस बात की ओर इंगित करती है कि राज्य में अमन- चैन के लिए कानून व्यवस्था को और सख्त किये जाने की जरूरत है। उत्तर बिहार में बच्चा चोरी के अफवाह में कई लोगों की पिटाई हो चुकी है, जिसमें कई महिलाएं भी हैं। गुरुवार को भी पुलिस व ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प का मूल कारण बच्चा चोरी का अफवाह ही बताया जाता है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह पता लगाये कि बच्चा चोरी को लेकर सिर्फ अफवाह है या फिर इसके पीछे सच्चाई भी है। यदि अफवाह है तो जिनके द्वारा अफवाह फैलाया जाता है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई किये जाने की जरूरत है। साथ ही यदि बच्चों की चोरी के लिये कोई गैंग काम कर रहा है, तो पता लगाकर उससे जुड़े लोगों को कड़ी सजा दिलाये जाने की आवश्यकता है।

दिवाली पर दिवाला निकालने की तैयारी


पटना : राजधानीवासी सावधान! थोड़ी सी चूक से दिवाली आपकी सेहत का दिवाला निकल सकती है। केवल सुदूर देहाती इलाकों में ही नहीं, बल्कि राजधानी पटना में भी दिवाली के मौके पर बाज़ार में नकली दूध,पनीर,घी,मक्खन और खोवा की भरमार है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में राजधानी के अदालत घाट मोहल्ले में नकली घी,दूध,खोवा,पनीर और मक्खन बनानेवाली फैक्ट्री का उद्भेदन हुआ । बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने पटना के अदालत घाट स्थित पंकज डेयरी और जनहित घी फैक्ट्री पर छापा मारा। इस छापेमारी में बड़े पैमाने पर नकली घी,दूध,पनीर,मख्कन और खोवा बरामद हुआ। यहां पर खतरनाक केमिकल और अरारोट के पावडर जैसी जहरीली चीजें मिलकर नकली घी ,दूध, मक्खन और पनीर,खोवा बनाया जा रहा था। पुलिस ने 50 किलो पनीर, कई किलो अरारोट का पावडर, 60 किलो खोवा और भारी मात्रा में नकली घी वरामद किया है। छापेमारी में शामिल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया की इन फैक्ट्रियों में जनहित के नाम से नकली घी और पंकज डेयरी के नाम से नकली दूध और पनीर बनाया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नकली घी,दूध को नष्ट कर दिया और उसके सैम्पल जांच के लिए ले लिया गया है। सबसे खास बात यह है की ये नकली घी,मक्खन और दूध,खोवा -पनीर बनाने की दो फैक्ट्रियां राजधानी के ऐसी मलिन बस्ती के अन्दर गुपचुप तरीके से चल रही थी। इसकी भनक कभी मुहल्ले के लोगों को भी नहीं लगी। चारो तरफ झुगी – झोपड़ी,उनके बीच एक गन्दा सा छोटा घर और उसके अन्दर चल रही थी जनहित घी और पंकज डेयरी नाम से दो दो फक्ट्री, घर में नकली दूध ,घी,मक्खन और खोवा बनाया जा रहा था और उसके बाहर दिखावे के लिए चल रही थीं दो मिठाइयों की दुकाने.मिठाइयों की दुकानों पर मंडरा रहे जहरीले कीड़ों से लड़ते हुए जब स्वास्थ्य विभाग की टीम फैक्ट्री में दाखिल हुयी तो उसके आश्चर्य का ठिकाना नहीं था। मिठाइयों कि दुकान के पीछे झुग्गी – झोपड़ी के बीच एक छोटे से मकान में इन दो फैक्ट्रियों के चलने के उद्भेदन से इलाके के लोग हैरान हैं, लेकिन नकली फैक्ट्री का मालिक इतना दबंग है कि चोरी के बावजूद सीनाजोरी करता नजर आया। फैक्ट्री के मालिक चुन्नी लाल कहता है कि इस छापेमारी से उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। मैं केवल घी बनाता हूँ। नकली नहीं बनाता, बगैर जांच के ही नकली कह देने से मेरा समान नकली हो जाएगा। घी, मक्खन बनाने का दुनिया का सब लायसेंस है हमारे पास। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यहां बरामद घी,पनीर,मक्खन और खोवा सभी जानलेवा हैं। दूध में बहुत गन्दगी थी और उसमे फारेन एलिमेंट बहुत मिले हुए थे। सूबे में नकली घी,दूध और मक्खन बनाने के नकली फैक्ट्री के उद्भेदन का यह पहला मामला नहीं है। दो सप्ताह पूर्व हाजीपुर में भी एक नकली घी कंपनी का उद्भेदन हुआ था और वहां से भारी मात्रा में नकली घी और उसे बनाने के उपकरण वारामद हुए थे.पर्व त्यौहार के दिन में घी,दूध,मक्खन और खोवा की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिसे पूरा करने और ज्यादा मुनाफे की लालच में शहर के दुकानदार भी इन नकली सामानों को बेचने के रैकेट में शामिल हो गये हैं। खास बात यह है की ये नकली घी,मक्खन और दूध,खोवा -पनीर बनाने की दो फैक्ट्रियां राजधानी के ऐसी मलिन बस्ती के अन्दर गुपचुप तरीके से चल रही थी। इसकी भनक कभी मुहल्ले के लोगों को भी नहीं लगी। चारो तरफ झुगी – झोपड़ी,उनके बीच एक गन्दा सा छोटा घर और उसके अन्दर चल रही थी जनहित घी और पंकज डेयरी नाम से दो दो फक्ट्री, घर में नकली दूध ,घी,मक्खन और खोवा बनाया जा रहा था और उसके बाहर दिखावे के लिए चल रही थीं दो मिठाइयों की दुकाने.मिठाइयों की दुकानों पर मंडरा रहे जहरीले कीड़ों से लड़ते हुए जब स्वास्थ्य विभाग की टीम फैक्ट्री में दाखिल हुयी तो उसके आश्चर्य का ठिकाना नहीं था। मिठाइयों कि दुकान के पीछे झुग्गी – झोपड़ी के बीच एक छोटे से मकान में इन दो फैक्ट्रियों के चलने के उद्भेदन से इलाके के लोग हैरान हैं, लेकिन नकली फैक्ट्री का मालिक इतना दबंग है कि चोरी के बावजूद सीनाजोरी करता नजर आया। फैक्ट्री के मालिक चुन्नी लाल कहता है कि इस छापेमारी से उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। मैं केवल घी बनाता हूँ। नकली नहीं बनाता, बगैर जांच के ही नकली कह देने से मेरा समान नकली हो जाएगा। घी, मक्खन बनाने का दुनिया का सब लायसेंस है हमारे पास। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यहां बरामद घी,पनीर,मक्खन और खोवा सभी जानलेवा हैं। दूध में बहुत गन्दगी थी और उसमे फारेन एलिमेंट बहुत मिले हुए थे। सूबे में नकली घी,दूध और मक्खन बनाने के नकली फैक्ट्री के उद्भेदन का यह पहला मामला नहीं है। दो सप्ताह पूर्व हाजीपुर में भी एक नकली घी कंपनी का उद्भेदन हुआ था और वहां से भारी मात्रा में नकली घी और उसे बनाने के उपकरण वारामद हुए थे.पर्व त्यौहार के दिन में घी,दूध,मक्खन और खोवा की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है , जिसे पूरा करने और ज्यादा मुनाफे की लालच में शहर के दुकानदार भी इन नकली सामानों को बेचने के रैकेट में शामिल हो गये हैं।



Wednesday, October 19, 2011

लोकपाल विधेयक


नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि लोकसभा की कार्यवाही शनिवार को भी चलेगी। ऐसे संकेत मिले हैं कि लोकपाल विधेयक के विभिन्न प्रारूपों पर शनिवार को चर्चा होगी।

लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है,"आवश्यक सरकारी काम काज को निबटाने के लिए लोकसभा की बैठक शनिवार को होगी।"

यह घोषणा तब की गई,जब सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल विधेयक के विभिन्न प्रारूपों पर सदन में बहस कराने का निर्णय लिया।

संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा,"बहस धारा 193 के तहत कराई जाएगी। यदि सर्वसम्मति बनी तो उसे एक प्रस्ताव का रूप दिया जा सकता है।"

गौरतलब है कि इस नियम के तहत वोटिंग का प्रावधान नहीं है।


लोकपाल पर बहस के बाद मतदान चाहती है भाजपा

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने लोकपाल विधेयक के विभिन्न स्वरूपों पर मतदान के प्रावधान के तहत चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया है।

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने नियम 184 के तहत चर्चा का नोटिस दिया, जबकि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने नियम 168 के तहत चर्चा के लिए नोटिस दिया है। दोनों नियमों के तहत चर्चा के बाद मतदान का प्रावधान है।

सुषमा ने कहा,"लोकसभा में नियम 184 और राज्यसभा में नियम 168 के तहत चर्चा का नोटिस दिया गया है। हम शनिवार को इस पर बहस शुरू करना चाहेंगे।"

उन्होंने सरकार पर इस मुद्दे को गम्भीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया और कहा,"हमें दोपहर 2.10 बजे संदेश मिला कि संदीप दीक्षित(पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस के सांसद)के नोटिस पर दोपहर 2.15 बजे चर्चा होगी। हम लोकसभा अध्यक्ष से मिलने गए और पूछा कि ऐसा कैसे किया जा सकता है?"

भाजपा नेता ने कहा,"महत्वपूर्ण मुद्दे पर ऐसा लापरवाही भरा रवैया..आखिर वे क्या संदेश देना चाहते हैं? चर्चा या तो मतदान के प्रावधान के तहत होनी चाहिए या सरकार को बयान देना चाहिए।"

लोकपाल पर चर्चा शुक्रवार को ही होनी थी,लेकिन इस पर किस नियम के तहत चर्चा हो, इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में मतभेद के कारण चर्चा नहीं हो सकी। अब इस पर शनिवार को चर्चा होगी।

उल्लेखनीय है कि प्रभावी लोकपाल के लिए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का अनशन शनिवार को 12वें दिन में प्रवेश कर जाएगा।


Wednesday, August 10, 2011

NASA Reports

NASA reports that in the next 10 months, the earth will get hotter by 4 degrees from now. Himalayan glaciers are melting @ a rapid rate. Our climate is changing drastically...n it's getting worse. We must help fight Global Warming by doing the following: 1. Plant more trees, 2. Don't waste water, 3. Use cloth bags and don't burn plastic. Please copy and paste this to your wall. Do your share. SAVE The EARTH..

Friday, July 1, 2011

सीएमवी

बहरा बनाने वाले वाइरस का पता चला

क्या ऐसा भी वायरस ऐसा हो सकता है जो बच्चों से उनकी सुनने की शक्ति छीन लेता है. शोधकर्ताओं के एक समूह का कहना है कि एक प्रकार का वायरस संक्रमण नवजातों के सुनने की शक्ति छीन सकता है और उन्हें बौद्धिक रूप से विकलांग बना सकता है. शोधकर्ताओं के मुताबिक ‘साइटोमेगैलोवायरस’ ( सीएमवी ) एक सामान्य प्रकार का वायरस संक्रमण है.

एक स्वस्थ व्यक्ति पर इसके या तो फ्लू जैसे लक्षण दिखेंगे या कोई लक्षण नहीं दिखेंगे. गर्भावस्था के दौरान पहली बार यह संक्रमण होने से परेशानियां खड़ी हो सकती हैं. ऑस्ट्रेलियन मेडीकल जर्नल के मुताबिक न्यू साउथ वेल्सविश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर विलियम रावलिंसन का कहना है कि सीएमवी की बहुत कम पहचान हो पाती है. 1999 और 2009 की एक निगरानी परियोजना के मुताबिक एक साल के दौरान सीएमवी के करीब 1,800 मामलों में से केवल पांच से लेकर 25 मामलों की ही पहचान हो पायी.

रावलिंसन ने कहा कि सीएमवी की स्क्रीनिंग सस्ती होती है और इस बीमारी से पीड़ित 30 दिन से कम आयु के नवजातों के इलाज के लिए एक एंटीवायरल थैरेपी विकसित की जा चुकी है. इससे बहुत से संक्रमित बच्चे स्वस्थ हो सकते हैं. हालांकि आधे बच्चे में तो जन्म के समय इसके कोई लक्षण नहीं दिखते और बिना स्क्रीनिंग के इसकी पहचान नहीं हो सकती.

महिलाओं की बसें हटाई जा रही है...

अधिकांश महिलाएं बसें सात रूटों में से हटाई गई है.


डेढ़ महीने पहले पटना की सड़कों पर एक बड़ा ही सुखद और अच्छा माहौल दिख रहा था. दरअसल, पैसेंजर्स की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने एक साथ चमचमाती ६० बसें उतरीं थीं. कम पैसे में बेहतर सुवि

धा दी जा रही थी. खासियत यह थी कि पहली बार पटना शहर के अन्दर महिलाओं के लिए स्पेशल बसें एक साथ सात रूटों में चलानी शुरू हो गई थी. इन बसों का रंग पिंक रखा गया था जो पहचानने में मुश्किल न हो.

परन्तु अफसोश यह सुविधा डेढ़ महीने बाद बंद कर दिया गया है. कारन यह बताया जा रहा है कि इन बसों से इनकम कुछ खास नहीं आ रहा था. एक बस से रोजाना २००-३०० रुपये ही आ पते थे, जबकि इससे अधिक डीजल खर्च हो जाता है.